Sets समुच्चय Class 11th RBSE and NCERT Math Notes

Topic- 1 समुच्चय (Sets)


समुच्चय की परिभाषा (Definition Of Sets)-
वस्तुओं के सुपरिभाषित संग्रह को समुच्चय कहते हैं।
 समुच्चय का निरूपण (Representation Of A Set)-
समुच्चय को निरूपित करने की निम्न दो विधियाँ प्रयोग में लायी जाती है-
1. सारणीबद्ध या रोस्टर रूप (Tabular Or Roster Method)
2. समुच्चय निर्माण रूप (Set Builder Method)
1. सारणीबद्ध या रोस्टर रूप (Tabular Or Roster Method)-
इस विधि में सभी अवयवों को अर्धविराम द्वारा पृथक करते हुए बिना पुनरावृति के, मझले कोष्ठक के भीतर लिखते है।
जैसे- 1. दस से छोटी विषम संख्याओ के समुच्चय को A द्वारा प्रदर्शित किया जाए तो-
A={1,3,5,7,9}
2. classroom में प्रयुक्त अक्षरों के समुच्चय को रोस्टर रूप या सारणीबद्ध लिखे-
{c,l,a,s,r,o,m}
नोट- समुच्चय के रोस्टर रूप में लिखते समय किसी अवयव को सामान्यतः दोबारा नही लिखते है।
2. समुच्चय निर्माण रूप (Set Builder Method)-
समुच्चय निर्माण रूप में मझले कोष्ठक के अंदर अवयवों को सूचीबद्ध करने के बजाय उनके गुणधर्म को लिखा जाता है।
जैसे- {x:x,32 को विभाजित करने वाली प्राकृत संख्या है} यहाँ मझले कोष्ठक के अंदर लिखे विवरण को ‘x, इस प्रकार है कि x,32 को विभाजित करने वाली एक प्राकृत संख्या है,’ पढ़ते है।
सारणीबद्ध या रोस्टर रूप                                                 समुच्चय निर्माण रूप
{1,2,3,6,7,14,21,42}                                                          {x:x,42 को विभाजित करने वाली एक प्राकृत संख्या}
{1,4,9,16}                                                                           {x:x, 25 से छोटी एक पूर्ण वर्ग प्राकृत संख्या है}
{a,e,i,o,u}                                                                           {x:x अंग्रेजी वर्णमाला का एक स्वर है}
{s,c,h,o,l}                                                                           {x:x,school में प्रयुक्त एक अक्षर है}
{4,5,6,7,8,9}                                                                     {x:x एक प्राकृत संख्या है तथा 3<x<10}
विभिन्न प्रकार के समुच्चय (Differential types of sets)
1.रिक्त समुच्चय (Empty Or Null Set)-
वह समुच्चय जिसमें एक भी अवयव नही हो, रिक्त समुच्चय कहलाता है। इसे शून्य समुच्चय भी कहते है क्योंकि इसमें अवयवों की संख्या शून्य होती है।
रोस्टर रूप में इसे { } से दर्शाते हैं अर्थात मझले कोष्ठक में कुछ नही लिखते है तो वह रिक्त समुच्चय को प्रदर्शित करता है तथा लेखक इसे प्रतीक ∅ (फाई) से दर्शाते हैं।
2. एकल समुच्चय (Single)-
ऐसे समुच्चय जिनमें एक ही अवयव हो, एकल समुच्चय कहलाते है।
जैसे- A={2}

3. परिमित और अपरिमित समुच्चय (Finite And Infinite Sets)-
समुच्चय में यदि अवयवों की संख्या परिमित हो, तो वह समुच्चय परिमित समुच्चय कहलाता है अन्यथा उसे अपरिमित समुच्चय कहते हैं।
नोट- किसी अपरिमित समुच्चय के सभी अवयवों को { } के भीतर लिखना संभव नही है।
अपरिमित समुच्चय को रोस्टर रूप में प्रकट करने के लिए उसके कम से कम इतने अवयवों को लिखते है जिससे उस समुच्चय की संरचना स्पष्ट हो सके और इसके पश्चात तीन क्रमवार बिंदु लगाते है। सभी अपरिमित समुच्चयों का वर्णन रोस्टर रूप में नही किया जा सकता है।
किसी समुच्चय A के लिए प्रतीक n(A) समुच्चय A के कुल अवयवों की संख्या को दर्शाता है।
जैसे- n(A)=5, n(B)=4, n(C)=6 और n(D)= 
यहाँ A,B,C परिमित समुच्चय व D अपरिमित समुच्चय है क्योंकि इनमें अनन्त अवयव होते है।
4 समान समुच्चय (Equal Sets)-
दो समुच्चय A तथा B समान कहलाते है यदि समुच्चय A का प्रत्येक अवयव समुच्चय B में तथा समुच्चय B का प्रत्येक अवयव समुच्चय A में हो।
यदि A B समान समुच्चय हो तो इसे A=B से दर्शाते हैं तथा ‘A समान है B केपढ़ते है।
यदि A=B  है तो A B के अवयव समान होंगे।
यदि A B समान नही है तो इन्हें असमान समुच्चय कहते है जिसे AB से दर्शाते हैं।
नोट- यदि किसी समुच्चय के एक अथवा अधिक अवयवों की पुनरावृत्ति होती है, समुच्चय बदलता नही है।

Author: admin

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